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हिमाचल में आफत की बारिश, कई जगह बाढ़ जैसे हालात, भूस्खलन से हाइवे बंद, 17 अगस्त तक अलर्ट

हिमाचल प्रदेश में रविवार रात भर से हुई बारिश के बाद तबाही का मंजर सामने आया है। प्रदेश का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई जगह भूस्खलन होने से नैशनल हाइवे पर यातायात को रोका गया है। इसके साथ ही एहतियात के तौर पर शिमला और मंडी के स्कूलों को बंद किया गया है। 12 में से 11 जिलों शिमला, मंडी, कुल्लू, चंबा, हमीरपुर, सोलन, बिलासपुर, किन्नौर और ऊना में बारीश के चलते स्कूल बंद हैं।  मिली जानकारी के मुताबिक अभी तक सोलन में 7, मंडी में 3, ऊना में 3, हमीरबुर में 2 और बिलासपुर में 1 शख्स की मौत हो गई है। अंदरुनी इलाको में ज्यादातर सड़कें परिवहन के लिए बंद है जिसके चलते सैंकड़ों यात्री फंसे हुए है। हिंदुस्तान और तिब्बत रोड के कई पड़ावों पर भूस्खलन होने की वजह से किन्नौर जिले में वाहनो की आवजाही बंद हो गई है। भारी बारिश के बाद मंडी की पार्वती घाटी में बाढ़ जैसा मंजर है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटो में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

आफत की बारिश में:-

पंडोह डैम से छोड़ा गया पानी
मंडी जिले में पंडोह बांध से सोमवार को पानी छोड़ा गया, इसलिए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों के लिए चेतावनी जारी कर व्यास नदी के आस-पास नहीं जाने के लिए कहा गया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि भारी बारिश के कारण व्यास नदी में प्रवाह बहुत तेज है जिसके मद्देनजर भाखड़ा व्यापानी मंगलवार शाम तीन बजे तक बांध से पानी छोड़ा जाता रहेगा।स प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के अधिकारियों ने आज सुबह नौ बजे पंडोह बांध से पानी छोड़ना शुरू किया। जिला प्रशासन स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है। कांगड़ा के उपायुक्त संदीप कुमार ने बताया कि लोग आपात स्थिति में 1077 पर कॉल कर सकते हैं।

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