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मुजफ्फरनगर दंगे के मुकदमे की वापसी से DM का इंकार, BJP नेताआें ने कहा-हर हाल में हाे खत्म

मुजफ्फरनगर- वर्ष 2013 में देश काे झकझाेर देने वाले मुजफ्फरनगर आैर शामली दंगे के मुकदमे वापस लेने का मामला एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस दंगे के 131 मुकदमे काे डीएम ने वापस लेने से साफ इंकार कर दिया है। इस संबंध में शासन काे भेजी रिपाेर्ट में मुजफ्फरनगर के डीएम राजीव शर्मा ने कहा है कि प्रशासनिक स्तर पर काेर्ट में विचाराधीन सभी मुकदमे की वापसी लेना संभव नहीं है। वहीं आज इस मामले में जब भाजपा के नेताओं और भारतीय किसान यूनियन की राय जाननी चाही तो सभी ने पुरजोर दंगों के मुकदमों को वापस किए जाने की पैरवी की।

दंगों के मुकदमें वापस किए जाने चाहिएः संजीव बलियान
भाजपा सांसद डॉक्टर संजीव बालियान ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा भेजी गई आख्या में सहमति नहीं जाहिर की गई है। किसी भी मुकदमे के वापस किए जाने के मामले में जिला प्रशासन हमेशा अपनी आख्या इसी प्रकार देता है जिसमें यह भी स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार चाहे तो मुकदमे वापस किए जा सकते हैं। 

संजीव बालियान ने स्पष्ट किया कि दंगों के मुकदमें वापस किए जाने चाहिए जो आम जनता पर मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने दंगों में अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर कहा कि वह अपने मुकदमे की पैरवी कोर्ट में करेंगे। 
 

मुकदमे की वापसी का भाजपा काे मिलेगा फायदाःउमेश मलिक 
इस संबंध में जब भाजपा विधायक उमेश मलिक से बात की गई तो उन्होंने भी मुकदमों को वापस किए जाने की बात कही। उन्हाेंने कहा कि मुकदमे जल्दी ही वापस किए जाएंगें क्योंकि इस संबंध में अभी कुछ दिन पहले भाजपा के नेताओं का एक दल मुख्यमंत्री से मुलाकात करने पहुंचा था। जहां मुख्यमंत्री ने खुद मुकदमे वापस किए जाने का आश्वासन दिया था। मुकदमे वापस होने पर 2019 में इसका फायदा भाजपा को मिलेगा या नहीं के सवाल पर उमेश मलिक ने कहा कि निश्चित तौर पर मुकदमे वापस होने के बाद इसका फायदा भारतीय जनता पार्टी को मिलेगा।
 

मुक़दमे वापस होने चाहिएः भारतीय किसान यूनियन
दंगों के मुकदमों को वापस लिए जाने के फैसले का भारतीय किसान यूनियन ने भी समर्थन किया है। भाकियू नेता राकेश टिकैत का कहना है कि मुक़दमे वापस होने चाहिए। मुक़दमे दोनों पक्षों के हैं। झगड़ा एक हादसा था जाे अब ख़तम होना चाहिए।

राकेश टिकैत ने कहा कि इस काम के लिए आपसी सहमति से भी, प्रशासनिक स्तर से भी और सरकार के स्तर से भी बातचीत हुई थी। मुक़दमे ख़तम होने चाहिए। ये जिला भी अब शांति से रहना चाहता है। फैसले के माध्यम से और सरकार के माध्यम से ये मुक़दमे ख़त्म हों। मुकदमो और दंगों पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए।    

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